मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचने के लिए किया गया एक छोटा सा प्रयास पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। कांठ के छजलैट इलाके में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोए परिवार के दो मासूम बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। 4 साल के आहिल और 3 साल की आयरा ने गहरी नींद में ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके माता-पिता और एक भाई की हालत गंभीर है। यह हादसा इतना दर्दनाक है कि जिसने भी सुना उसकी आंखें नम हो गईं।
बंद कमरे में काल बनी अंगीठी और जहरीली गैस
हादसे का शिकार हुआ जावेद छजलैट में ही एक चाय की दुकान चलाता है। गुरुवार रात करीब 11 बजे दुकान बंद कर वह घर लौटा और पत्नी शाहिस्ता व तीन बच्चों के साथ कमरे में सोने चला गया। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए परिवार ने कमरे में कोयले की अंगीठी जला ली थी। बदकिस्मती से उस रात कमरे के खिड़की-दरवाजे और रोशनदान पूरी तरह बंद थे। रात भर कोयला जलने से कमरे में ऑक्सीजन खत्म हो गई और जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई। सुबह 9 बजे तक जब कमरा नहीं खुला, तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। जावेद ने जब लड़खड़ाते कदमों से दरवाजा खोला तो अंदर का मंजर देख सबकी चीख निकल गई।
मां की हालत नाजुक, नहीं पता कि खो दिए दो जिगर के टुकड़े
हादसे के बाद परिवार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मासूम आहिल और आयरा को मृत घोषित कर दिया। जावेद और उसके 6 साल के बेटे शिफान की हालत में सुधार है, लेकिन पत्नी शाहिस्ता की हालत बिगड़ती जा रही है। उसे मुरादाबाद से मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया है। शाहिस्ता अभी बेहोश है और उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं है कि उसकी गोद सूनी हो चुकी है। जावेद के लिए यह दुख इसलिए भी बड़ा है क्योंकि तीन साल पहले ही उसने अपने एक और बेटे तैमूर को दिल की बीमारी के कारण खो दिया था। अब उसके चार बच्चों में से सिर्फ शिफान ही जिंदा बचा है।
सावधानी हटी और घट गई बड़ी दुर्घटना
परिजनों का कहना है कि जावेद अक्सर अंगीठी जलाते समय दरवाजा थोड़ा खुला रखता था, लेकिन उस रात शायद ठंड ज्यादा होने के कारण दरवाजा पूरी तरह बंद कर दिया गया। मुरादाबाद में ठंड से मौत का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे एक दिन पहले ही मशहूर शायर मंसूर उस्मानी की बेटी की जान भी ब्लोअर से लगी आग के कारण चली गई थी। पुलिस और डॉक्टरों ने बार-बार अपील की है कि बंद कमरे में अंगीठी या हीटर का इस्तेमाल जानलेवा हो सकता है, क्योंकि यह कमरे की ऑक्सीजन को सोख लेता है।