नई दिल्ली: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तपिश शांत होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में एक बड़े संगठनात्मक धमाके की तैयारी है। खबर है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई ‘सुपर टीम’ का एलान कर देंगे। टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है, बस चुनाव परिणामों के आधार पर कुछ अंतिम फेरबदल किए जाने बाकी हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन की इस नई टीम में ‘अनुभव’ और ‘युवा जोश’ का ऐसा मिश्रण देखने को मिलेगा जो 2029 की तैयारियों का आधार बनेगा। 20 जनवरी को अध्यक्ष पद संभालने के बाद से नवीन पुरानी टीम के साथ ही गाड़ी खींच रहे हैं, लेकिन अब वह अपनी खुद की कोर टीम उतारने के लिए तैयार हैं।
15 मई तक हो सकता है बड़ा एलान, युवा चेहरों पर दांव
पार्टी के भीतर चर्चा है कि नई टीम की घोषणा 15 मई से पहले कभी भी हो सकती है। भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते नितिन नवीन अपनी टीम में भी युवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम अनुराग ठाकुर का है। युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके ठाकुर के पास संगठन और सरकार (मंत्री पद) दोनों का लंबा अनुभव है, जो नवीन के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
अन्नामलाई और बंगाल के चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
दक्षिण भारत में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए भाजपा तमिलनाडु के के. अन्नामलाई को केंद्रीय संगठन में बड़ी भूमिका दे सकती है। अन्नाद्रमुक (AIADMK) के साथ गठबंधन की संभावनाओं के बीच उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया गया था, लेकिन उनकी लोकप्रियता को देखते हुए नितिन नवीन उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बना सकते हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदर्शन और वहां की सांगठनिक मजबूती को देखते हुए बंगाल से भी किसी युवा चेहरे को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विप्लव देव को भी अहम पद मिल सकता है, क्योंकि अगले साल त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होने हैं और उनका चुनावी मैनेजमेंट पार्टी के काम आ सकता है।
महासचिवों में कौन रहेगा बरकरार? अनुभव का भी रहेगा साथ
भले ही टीम में युवाओं की भरमार हो, लेकिन नितिन नवीन संगठन के मंझे हुए खिलाड़ियों को साथ लेकर चलेंगे। महासचिवों की लिस्ट में सुनील बंसल का नाम सबसे ऊपर है। राजस्थान से आने वाले बंसल ने ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बाद अब बंगाल के प्रभारी महासचिव के रूप में अपनी क्षमता साबित की है। उनकी सांगठनिक पकड़ का लोहा पूरी पार्टी मानती है।
इसी तरह, बिहार में एनडीए की सरकार बनवाने में ‘चाणक्य’ की भूमिका निभाने वाले महाराष्ट्र के दिग्गज नेता विनोद तावड़े का महासचिव पद पर बने रहना लगभग तय है। साथ ही, पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए तरुण चुग को भी संगठन में बरकरार रखा जा सकता है, ताकि राज्य में चुनावी रणनीति पर कोई असर न पड़े।