कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले के फालता (144-फालता) विधानसभा क्षेत्र में हुई भारी धांधली ने पूरे देश को चौंका दिया है। चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और ‘बूथ कैप्चरिंग’ जैसे हालात की पुष्टि होने के बाद, भारत निर्वाचन आयोग ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है।
आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान को पूरी तरह से अवैध घोषित करते हुए पूरे विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर फिर से चुनाव (Repolling) कराने का कड़ा आदेश जारी किया है।
EVM पर काली टेप और इत्र का ‘खतरनाक’ खेल
निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को जारी आदेश के मुताबिक, मतदान के दिन चौंकाने वाली शिकायतें मिली थीं। जांच में पुष्टि हुई कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की बैलेट यूनिट पर एक खास राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह के सामने काली टेप लगा दी गई थी। इतना ही नहीं, वोटिंग बटन पर इत्र और स्याही का इस्तेमाल किया गया था ताकि बाद में यह पहचाना जा सके कि मतदाता ने किसे वोट दिया है। आयोग ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा का घोर उल्लंघन और मतदाताओं की गोपनीयता के साथ खिलवाड़ माना है।
CCTV फुटेज गायब, अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका?
विशेष पर्यवेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट ने धांधली की पोल खोलकर रख दी है। पता चला है कि क्षेत्र के करीब 21% यानी 60 मतदान केंद्रों पर गंभीर उल्लंघन हुए। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कई केंद्रों की वेबकास्टिंग फुटेज या तो गायब मिली या उसे जानबूझकर सिस्टम से हटा दिया गया था। फुटेज में बाहरी लोगों और मतदान अधिकारियों को बार-बार वोटिंग कंपार्टमेंट के अंदर जाते और मतदाताओं को धमकाते हुए देखा गया। आयोग ने इस मामले में रिटर्निंग ऑफिसर और जनरल ऑब्जर्वर की लापरवाही पर भी सख्त रुख अपनाया है।
अब 21 मई को फिर से डलेंगे वोट
चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं 58 और 58A के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नया शेड्यूल जारी किया है। फालता की जनता अब इस तारीख को फिर से अपना प्रतिनिधि चुनेगी:
- पुनर्मतदान की तारीख: 21 मई, 2026 (गुरुवार)
- मतदान का समय: सुबह 07:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक
- नतीजों का दिन (Counting): 24 मई, 2026 (रविवार)
निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा अब 25 मई तक बढ़ा दी गई है। आगामी मतदान के दौरान सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए जाएंगे कि परिंदा भी पर न मार सके।