कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए बस दो दिन का इंतजार बाकी है, लेकिन उससे पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जीत का अटूट भरोसा जताकर सियासी हलचल तेज कर दी है। शनिवार को ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान ‘दीदी’ ने हुंकार भरते हुए कहा कि बंगाल की 294 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस (TMC) 200 से अधिक सीटें जीतकर इतिहास रचने जा रही है।
काउंटिंग सेंटर पर डटे रहने का आदेश
ममता और अभिषेक बनर्जी ने काउंटिंग एजेंटों को चुनावी जंग की आखिरी बाधा पार करने के लिए खास मंत्र दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि मतगणना के दिन सभी एजेंट केंद्रों पर समय से पहुंचें और पूरी प्रक्रिया खत्म होने तक वहां से बिल्कुल न हिलें। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जब तक आखिरी वोट की गिनती पूरी नहीं हो जाती और नतीजे घोषित नहीं हो जाते, तब तक कोई भी एजेंट केंद्र छोड़कर बाहर नहीं आना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पल-पल की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भेजने के भी निर्देश दिए हैं।
एग्जिट पोल्स को बताया ‘प्रोपेगेंडा’ और ‘साजिश’
हाल ही में आए कई एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है, जिसे ममता बनर्जी ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये पोल्स सिर्फ शेयर बाजार को प्रभावित करने की एक सोची-समझी साजिश है। दीदी ने कहा, “यह 2021 और 2024 के चुनाव जैसा ही प्रोपेगेंडा है।” उन्होंने केंद्रीय बलों पर चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ बर्बरता करने का आरोप भी लगाया और वादा किया कि जो कार्यकर्ता इस मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़े रहे हैं, उन्हें उचित सम्मान और इनाम दिया जाएगा।
क्या कहता है दीदी का गठबंधन समीकरण?
तृणमूल कांग्रेस ने इस चुनाव में खुद 291 सीटों पर ताल ठोंकी है, जबकि बाकी 3 सीटें अपनी सहयोगी पार्टी ‘भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा’ के लिए छोड़ी थीं। जहां एक तरफ दक्षिण 24 परगना के मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर जैसे इलाकों में पुनर्मतदान (Re-polling) की गहमागहमी रही, वहीं ममता बनर्जी के इस आत्मविश्वास ने टीएमसी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। अब देखना यह होगा कि 4 मई को आने वाले नतीजे ममता के दावों पर कितनी मुहर लगाते हैं।