प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों और भावनाओं की नई परिभाषा लिख दी है। यहाँ एक पति ने ऐसी दरियादिली दिखाई है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। 10 साल तक एक साथ रहने और दो बच्चों के होने के बाद भी जब पत्नी अपने प्रेमी को नहीं भूल पाई, तो पति ने भारी मन से एक बड़ा फैसला लिया। पति ने खुद अपनी पत्नी का हाथ उसके प्रेमी के हाथों में सौंप दिया और धूमधाम से उसकी विदाई की। यह पूरी घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मंदिर में सजी शादी की महफिल
यह मामला प्रतापगढ़ के एक गांव का है, जहां पति ने अपनी पत्नी की जिद के आगे हार मान ली। जानकारी के मुताबिक, महिला का काफी समय से किसी दूसरे युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर घर में अक्सर कलेश होता था। अंत में पत्नी की खुशी की खातिर पति ने खुद पहल की और शादी की तैयारी की। गांव के ही एक मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी का आयोजन किया गया। गांव वालों और खुद पति की मौजूदगी में प्रेमी-प्रेमिका ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और सात जनम साथ निभाने की कसमें खाईं।
प्रेमी के पैर छूकर लिया आशीर्वाद
शादी की रस्में पूरी होने के बाद मंदिर के प्रांगण में एक अजीब नजारा देखने को मिला। प्रेमी से शादी रचाने के बाद महिला ने सबके सामने अपने नए पति (प्रेमी) के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। वहां मौजूद लोग यह देखकर दंग रह गए कि जिस पति ने 10 साल तक सुख-दुख साझा किया, वह अपनी ही आंखों के सामने अपनी पत्नी को किसी और की दुल्हन बनते देख रहा था। माहौल में एक तरफ शादी की खुशी थी तो दूसरी तरफ एक घर टूटने का सन्नाटा भी था।
बच्चों का जवाब सुन पसीज गया सबका दिल
इस पूरी कहानी में सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाला पल विदाई के वक्त आया। महिला के दो मासूम बच्चे हैं जिनसे वह बहुत प्यार करती थी। जब जाने का समय आया और मां ने अपने बच्चों से साथ चलने को कहा, तो बच्चों ने जो जवाब दिया उसने पत्थर दिल इंसान को भी रुला दिया। मासूमों ने अपनी मां के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया और भर्राई आवाज में कहा, “जब आपने हमारे पापा को ही छोड़ दिया, तो अब हमें भी भूल जाओ।” बच्चों की यह कड़वी और दो टूक बात सुनकर वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह गया और मां की ममता भी बेबस नजर आई।