उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ सत्ता पक्ष के दो बड़े नेता आपस में ही उलझ गए। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक दिवसीय दौरे पर महोबा पहुंचे थे, लेकिन वापसी के वक्त उन्हें अपने ही दल के विधायक के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने मंत्री का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया, जिसके बाद वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया।
सड़कों की बदहाली पर फूटा विधायक का गुस्सा
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद ‘जल जीवन मिशन’ के तहत खोदी गई सड़कों को लेकर हुआ। विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप था कि सड़कों को खोदकर बेहाल छोड़ दिया गया है, जिससे जनता परेशान है। जब मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ‘युवा उद्घोष’ कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी कलेक्ट्रेट मार्ग पर विधायक और उनके समर्थकों ने अपनी गाड़ियां सड़क के बीचों-बीच खड़ी कर दीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं और मंत्री के सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की भी हुई।
मंत्री को खुद गाड़ी से नीचे उतरना पड़ा
माहौल इतना गरमा गया कि सुरक्षा घेरे में रहने वाले स्वतंत्र देव सिंह को खुद अपनी गाड़ी से नीचे उतरकर आना पड़ा। मौके पर मौजूद सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन विधायक और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन पहले से ही नियोजित (Planning) लग रहा था, क्योंकि विधायक भारी समर्थकों के साथ पहले से ही कलेक्ट्रेट मार्ग पर डटे हुए थे।
बीच सड़क पर तीखी नोकझोंक और हंगामा
मंत्री के गाड़ी से उतरते ही विधायक और उनके बीच काफी कहासुनी हुई। विधायक ने साफ तौर पर विकास कार्यों में हो रही लापरवाही और बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। काफी देर तक चले इस हंगामे के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। अधिकारियों के काफी हस्तक्षेप और बातचीत के बाद ही मंत्री का काफिला वहां से रवाना हो सका। सत्ताधारी दल के अंदरूनी कलह का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।