अगर आप भी अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई पोस्ट ऑफिस (Post Office) में यह सोचकर जमा कर रहे हैं कि वहां आपका पैसा सबसे सुरक्षित है, तो रुक जाइए। कानपुर के अनवरगंज से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। यहाँ एक शातिर सरकारी महिला टीचर ने फर्जी रसीदों के दम पर लोगों के लाखों-करोड़ों रुपये डकार लिए। ठगी का यह खेल इतना शातिर तरीके से खेला गया कि पुलिस को इसे सुलझाने में महीनों लग गए।
फर्जी रसीदों का मायाजाल और 40 लाख की चपत
इस पूरे घोटाले की मास्टरमाइंड महोबा में तैनात एक सरकारी शिक्षिका अनूजा अवस्थी है। अनूजा अपने पति आशीष और सास-ससुर के साथ मिलकर पोस्ट ऑफिस एजेंट के तौर पर काम करती थी। यह गिरोह आम लोगों को झांसा देकर उनसे आरडी (RD) और एफडी (FD) के नाम पर पैसे वसूलता था। मामला तब खुला जब विनीता सोनकर नाम की महिला ने शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने उनके ही 7.50 लाख रुपये हड़प लिए थे। जब पीड़ित पोस्ट ऑफिस पहुंचे, तो पता चला कि खातों में तो नाममात्र के पैसे हैं और उनके पास मौजूद पासबुक और रसीदें पूरी तरह फर्जी थीं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए पति को छोड़ा और रचाया ढोंग
अनूजा अवस्थी की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब ठगी की रकम बढ़ने लगी और पुलिस पीछे पड़ी, तो उसने अपने पति आशीष से किनारा कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि अनूजा ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने पति से तलाक ले लिया और नजीराबाद के एक दूसरे युवक के साथ रहने लगी। वह सोच रही थी कि पहचान और रिश्ता बदलकर वह बच जाएगी, लेकिन अनवरगंज पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे धर दबोचा।
चेक बाउंस और मारपीट तक पहुंचा मामला
ठगी का यह पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ितों को दिए गए चेक बार-बार बाउंस होने लगे। जब विनीता के पति ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और ऑफिस में तोड़फोड़ कर जान से मारने की धमकी भी दी। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक, यह गिरोह करीब एक साल से फरार था। पुलिस ने करीब एक महीने पहले मुख्य आरोपी आशीष अवस्थी को जेल भेजा था और अब उसकी टीचर पत्नी अनूजा को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।