उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अपने ‘जनता दर्शन’ के जरिए सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देश देते और लोगों की समस्याओं का समाधान करते नजर आते हैं। लेकिन सोमवार (2 फरवरी) को लखनऊ में कुछ ऐसा हुआ जिसने वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर मुस्कान ला दी। मुख्यमंत्री जब फरियादियों की अर्जियां सुन रहे थे, तभी एक छोटी सी बच्ची अपनी मां के साथ अपनी गुहार लेकर उनके पास पहुंची। इस नन्ही बच्ची की मासूमियत और उसकी अनोखी मांग ने सीएम योगी का दिल पूरी तरह जीत लिया।
नन्ही अनाबी ने जब मुख्यमंत्री से की एडमिशन की जिद
लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जब सीएम योगी एक-एक कर लोगों की शिकायतें सुन रहे थे, तभी उनकी नजर भीड़ में खड़ी एक मासूम बच्ची पर पड़ी। मुख्यमंत्री ने जब बड़े प्यार से उसके पास जाकर उसका नाम पूछा, तो उसने बड़े ही आत्मविश्वास से अपना नाम ‘अनाबी अली’ बताया। सीएम ने जब उससे आने का कारण पूछा तो बच्ची ने बड़े ही भोलेपन से अपनी फाइल आगे करते हुए कहा, “मेरा एडमिशन करा दीजिए।” मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सवाल किया कि बेटा कहां एडमिशन कराना है? इस पर अनाबी ने तपाक से उत्तर दिया, “स्कूल में!”
ठंड में स्कूल जाने की बात पर सीएम ने ली चुटकी
बच्ची की इस मासूम मांग पर सीएम योगी खुद को मुस्कुराने से रोक नहीं पाए और चुटकी लेते हुए पूछा, “इतनी ठंड हो रही है, क्या इस ठंड में स्कूल जाओगी?” साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि वह किस क्लास में पढ़ना चाहती है। अनाबी ने बताया कि उसे ‘नर्सरी’ में एडमिशन चाहिए। मुख्यमंत्री ने फिर एक अभिभावक की तरह उसे समझाया और पूछा कि क्या वह रोज स्कूल जाएगी और मेहनत से पढ़ाई करेगी? नन्ही अनाबी ने भी बड़े उत्साह के साथ सिर हिलाकर मुख्यमंत्री को वादा किया कि वह खूब पढ़ेगी।
सुनाई कविता और मिला चॉकलेट का मीठा तोहफा
बातचीत के दौरान जब सीएम योगी ने अनाबी से पूछा कि उसे स्कूल के बारे में क्या पता है, तो उसने बिना किसी डर के ‘शेर बच्चे, शेर बच्चे’ कविता सुनानी शुरू कर दी। बच्ची के इस कॉन्फिडेंस और प्यारी सी कविता को सुनकर सीएम योगी गदगद हो गए। उन्होंने तुरंत पास खड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बच्ची का दाखिला शहर के एक अच्छे स्कूल में सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ उसकी मुराद पूरी की, बल्कि जाते-जाते उसे दुलारते हुए चॉकलेट का पैकेट भी गिफ्ट किया।
कौन है यह नन्ही फरियादी अनाबी?
जनता दर्शन में अपनी मां के साथ पहुंची यह प्यारी सी बच्ची अनाबी अली राजधानी लखनऊ की ही रहने वाली है। अनाबी का सपना है कि वह स्कूल जाकर खूब पढ़ाई करे, लेकिन कुछ पारिवारिक या तकनीकी कारणों से उसका एडमिशन नहीं हो पा रहा था। अपनी इसी जिद को लेकर वह सीधे सूबे के मुखिया के पास पहुंच गई, जहां मुख्यमंत्री ने एक पिता की तरह उसकी शिक्षा की जिम्मेदारी खुद संभाल ली।