नई दिल्ली: बजट के बाद अब आम जनता और ज्वैलरी के शौकीनों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाले आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती कर दी है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) द्वारा जारी एक ताजा नोटिफिकेशन के अनुसार, अब विदेशों से सोना-चांदी मंगाना सस्ता हो जाएगा, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों में इनकी कीमतों पर पड़ेगा।
कितनी कम हुई सोने और चांदी की कीमतें?
सरकार ने सोने की बेस इंपोर्ट कीमत में लगभग 50 डॉलर की कटौती की है, जिससे अब यह 1518 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है। वहीं, चांदी की कीमतों में तो और भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चांदी की बेस इंपोर्ट कीमत को 800 डॉलर से ज्यादा घटाकर 2657 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।
यह नई दरें टैरिफ हेडिंग के तहत किसी भी रूप में इंपोर्ट किए गए सोने-चांदी पर लागू होंगी। वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का यह कदम मध्यम वर्ग के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
किन चीजों पर मिलेगा फायदा और किन पर नहीं?
इंपोर्ट ड्यूटी में की गई यह कटौती उच्च-शुद्धता वाले सोने के बार, सोने के सिक्कों और चांदी के बुलियन पर लागू होगी। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राहत बनी-बनाई ज्वेलरी (ज्वेलरी), कीमती धातुओं से बनी वस्तुओं और पोस्ट या कूरियर के जरिए होने वाले इंपोर्ट पर नहीं मिलेगी।
सरकार आमतौर पर हर 15 दिन (पखवाड़े) में इन धातुओं की बेस इंपोर्ट कीमतों में बदलाव करती है। इससे पहले सोने की कीमतें 22 जनवरी को और चांदी की कीमतें 27 जनवरी को संशोधित की गई थीं।
भारत में सोने-चांदी की जबरदस्त मांग
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है और चांदी के मामले में तो यह सबसे बड़ा बाजार है। भारत अपनी सोने की जरूरत का लगभग पूरा हिस्सा और चांदी की 80 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत विदेशों से आयात करके ही पूरा करता है। जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) लंबे समय से मांग कर रही थी कि आयात शुल्क को घटाकर 4 परसेंट के स्तर पर लाया जाए।
क्रिसिल (CRISIL) रेटिंग्स की एक स्टडी बताती है कि इस कटौती के बाद साल 2026-27 तक रिटेल सेल में 5 से 7 परसेंट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अब जब कीमतें कम होने की उम्मीद है, तो बाजार में खरीदारों की रौनक और बढ़ने वाली है।