लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार को पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के नाम रहा। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक अलग ही तेवर में नजर आए। उन्होंने महिला आरक्षण और सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्षी दलों, खासकर सपा और कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। सीएम ने इंडी गठबंधन पर प्रहार करते हुए कहा कि इनकी मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है और आज ये लोग दोहरा चरित्र दिखा रहे हैं।
“गिरगिट भी शरमा जाए ऐसा है विपक्ष का रंग”
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 45 मिनट तक अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जो काले कर्मों से राजमहल सजाते हैं, वही इतिहास में कलंक बन जाते हैं।” योगी ने तंज कसा कि लोकसभा में महिला आरक्षण का विरोध करने वाले और राज्य में उसका समर्थन करने वाले विपक्षी नेताओं के बदलते रंग को देखकर तो गिरगिट भी शरमा जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से नीति-निर्धारण में महिलाओं की प्रभावी भूमिका तय होगी।
शौचालय से लेकर आवास तक: महिलाओं की गरिमा का सवाल
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पहले की सरकारों में भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन जनधन योजना ने बिचौलियों को खत्म कर दिया। स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि शौचालय केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि नारी की गरिमा और सुरक्षा थी। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि पहले महिलाएं खुले में शौच के लिए मजबूर थीं और “सपा के शोहदे” उन पर छींटाकशी करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास दिए गए, जिनमें से अधिकतर मालिकाना हक महिलाओं को मिला है।
ग़ेस्ट हाउस कांड और शाह बानो केस: पुराने जख्म किए ताज़ा
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के इतिहास पर सवाल उठाते हुए 1995 के लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जब प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री (मायावती) के साथ अपमानजनक व्यवहार हुआ, तब भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने अपनी जान पर खेलकर उन्हें सपा के गुंडों से बचाया था। आप किस नारी गरिमा की बात करते हैं?”
इतना ही नहीं, उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए शाह बानो प्रकरण और तीन तलाक का मुद्दा भी उठाया। सीएम ने कहा कि कांग्रेस के पतन का कारण मुस्लिम महिलाओं के साथ हुआ अन्याय और कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेकना है। उन्होंने कहा कि आप देश को ‘कठमुल्ला व्यवस्था’ की ओर ले जाना चाहते हैं।
“देख सपाई, बिटिया घबराई”: कानून व्यवस्था पर तीखा हमला
सपा शासनकाल की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ का नारा आम था। उन्होंने बदायूं कांड, बुलंदशहर गैंगरेप और हापुड़ एसिड अटैक जैसी घटनाओं की याद दिलाई। उन्होंने आजम खान के उस बयान पर भी चुटकी ली जिसमें उन्होंने बुलंदशहर की घटना को “राजनीतिक साजिश” बताया था। सीएम ने गर्व से कहा कि पहले महिला कार्यबल भागीदारी मात्र 13% थी, जो अब हमारी सरकार के प्रयासों से बढ़कर 36% से ऊपर पहुंच गई है।