पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में गुरुवार की देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से सन्नाटा पसर गया। पुलिस और शातिर बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 50,000 रुपये का इनामी अपराधी रिहान अंसारी मारा गया है। इस एनकाउंटर में बदमाशों की गोली लगने से शामली कोतवाली का एक सिपाही सुमित भी घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र के अपराधियों में दहशत पैदा कर दी है।
लूट की साजिश नाकाम, बदमाशों ने शुरू कर दी फायरिंग
शामली के एसपी एनपी सिंह के मुताबिक, पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि झिंझाना से कसेरवा गांव की ओर दो बदमाश बाइक पर सवार होकर किसी बड़ी लूट को अंजाम देने जा रहे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एसओजी (SOG) की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पुलिस ने बदमाशों को रुकने का इशारा किया, उन्होंने खुद को घिरता देख भागने के लिए पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
90 से ज्यादा मुकदमों का ‘आका’ था रिहान
मारे गए बदमाश रिहान अंसारी का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला है। दिल्ली का रहने वाला रिहान पिछले 10 साल से जुर्म की दुनिया में सक्रिय था। उस पर शामली, बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न थानों में लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे 90 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। बताया जा रहा है कि उसका संबंध कुख्यात याहिया गैंग से भी था। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस कॉम्बिंग कर रही है।
यूपी पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ जारी
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ वाला रवैया जारी है। रिहान के एनकाउंटर से दो दिन पहले ही एसटीएफ ने एक लाख के इनामी शूटर बनारसी यादव को भी ढेर किया था। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराध की राह चुनने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। रिहान को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।