उत्तर प्रदेश के कानपुर में HDFC बैंक के भीतर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा अब एक बेहद दुखद मोड़ पर पहुँच गया है। सोशल मीडिया पर ‘मैं ठाकुर हूँ’ कहकर चर्चा में आईं रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह भदौरिया ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आस्था का कहना है कि एक साजिश के तहत उन्हें सोशल मीडिया पर इस कदर जलील किया गया है कि वह गहरे मानसिक तनाव में हैं और उनके मन में अब अपनी जान देने तक के विचार आ रहे हैं।
चरित्र पर कीचड़ उछालने का आरोप
आस्था सिंह ने अपनी सहकर्मी ऋतु त्रिपाठी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने भरे मन से कहा कि जब किसी के पास बहस के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तो अक्सर महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाया जाता है। आस्था का आरोप है कि ऋतु ने उनके चरित्र पर बेबुनियाद कीचड़ उछाला है, जो किसी भी महिला के लिए सबसे बड़ा अपमान है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि गलती ऋतु के पति की है और उन्हें इस तरह की ओछी बयानबाजी करते हुए शर्म आनी चाहिए।
वायरल वीडियो की क्या है असली कहानी?
बता दें कि हाल ही में कानपुर का एक वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया था। इस वीडियो में आस्था सिंह, ऋतु त्रिपाठी और उनके पति के बीच तीखी बहस होती दिख रही है। गुस्से में तमतमाई आस्था ने वीडियो में कहा था, “मैं ठाकुर हूँ, तेरी ऐसी की तैसी कर दूँगी।” यहाँ तक कि वह लैपटॉप उठाकर हमला करने की कोशिश करती भी दिखीं। आस्था के मुताबिक, यह घटना 6 जनवरी की है, लेकिन उनकी छवि खराब करने के लिए इसे एक महीने बाद यानी 8 फरवरी को जानबूझकर वायरल किया गया।
मानहानि और पुलिस केस की तैयारी
आस्था सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत पनकी थाने में दर्ज करा दी है। वह अब दोषियों के खिलाफ मानहानि का केस करने की तैयारी में हैं। जाति वाले विवाद पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनसे उनकी जाति पूछी गई थी, जिसका उन्होंने स्वाभिमान के साथ जवाब दिया और सामने वाले को तमीज से बात करने की सलाह दी थी। उनका दावा है कि उन्हें समाज की नजरों में गिराने के लिए इस वीडियो को काट-छाँटकर पेश किया गया है।
नौकरी और फील्ड विजिट पर दिया करारा जवाब
ऋतु त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि आस्था सीनियर्स के साथ बाहर घूमने जाती हैं, जिस पर आस्था ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मेरी नौकरी सेल्स की है, जिसमें क्लाइंट्स से मिलना और फील्ड पर जाना काम का हिस्सा है।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वह बैंक में महज 15 दिसंबर 2025 को आई हैं, ऐसे में 15 दिन पुरानी कर्मचारी आखिर 5 साल से काम कर रही ऋतु को कैसे डरा सकती है? आस्था ने सवाल किया कि ऋतु के पति और ननद, जिनसे असली विवाद हुआ था, वे सामने क्यों नहीं आ रहे?
ऋतु त्रिपाठी की भावुक अपील
वहीं दूसरी तरफ, ऋतु त्रिपाठी ने भी अपना पक्ष रखते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। खुद को ब्राह्मण बताते हुए ऋतु ने कहा कि असली बेइज्जती उनके परिवार की हुई है और गालियां उन्होंने झेली हैं। उन्होंने कहा कि वह कानपुर की बेटी हैं और उन्हें किसी फर्जी वीडियो के जरिए ‘रानी लक्ष्मीबाई’ बनने का कोई शौक नहीं है। उन्होंने जनता से न्याय और समर्थन की मांग की है।