महाराष्ट्र के लातूर जा रहे एक शख्स के साथ ट्रेन में हुई बर्बरता ने सबको हैरान कर दिया है। हाफिज मोहम्मद इमरान नाम के व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उनकी धार्मिक पहचान की वजह से उन पर जानलेवा हमला किया गया। यह पूरी घटना मनमाड-काकीनाडा-शिरडी एक्सप्रेस की बताई जा रही है, जो 11 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आई।
हाफीजपेट स्टेशन पर अचानक भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन हैदराबाद के हाफीजपेट रेलवे स्टेशन पर रुकी हुई थी। इमरान का कहना है कि ट्रेन के डिब्बे में पहले से ही कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह इमरान सिर्फ यह पूछने के लिए आगे बढ़े थे कि आखिर मामला क्या है और लोग आपस में क्यों लड़ रहे हैं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनकी यही कोशिश उन पर भारी पड़ जाएगी और माहौल अचानक हिंसक हो जाएगा।
पहचान बनी हमले की वजह?
इमरान ने अधिकारियों को दिए अपने बयान में दिल दहला देने वाला दावा किया है। उन्होंने बताया, “उन लोगों ने मुझे जबरन उठाया और पीटना शुरू कर दिया।” इमरान का सीधा आरोप है कि उन्होंने दाढ़ी रखी थी और टोपी पहन रखी थी, इसी वजह से उन्हें भीड़ ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि लगभग 20 लोगों के झुंड ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, जब इमरान का एक दोस्त उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उसे भी नहीं बख्शा और उसके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
हमलावरों को पहचान सकते हैं इमरान
पीड़ित इमरान ने आत्मविश्वास के साथ कहा है कि वह हमला करने वाले उन चेहरों को पहचान सकते हैं। उन्होंने पुलिस को भरोसा दिलाया है कि वह शिनाख्त के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना है कि अगर उस समय कोच में मौजूद अन्य यात्रियों से भी पूछताछ की जाए, तो पूरी सच्चाई दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगी।
सियासी गलियारों में हलचल और पुलिसिया कार्रवाई
इस घटना के सामने आते ही राजनीति भी गरमा गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ट्रेन जैसे सार्वजनिक और सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है। फिलहाल, रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर जांच जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।