PCB Chief Mohsin Naqvi Colombo Visit: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले टी20 विश्व कप के महामुकाबले से ठीक पहले एक बड़ी हलचल क्रिकेट के मैदान से बाहर हुई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच के लिए शनिवार को कोलंबो पहुंच गए हैं। लेकिन जानकारों की मानें तो नकवी यहाँ सिर्फ मैच का लुत्फ उठाने नहीं आए हैं, बल्कि उनके इस दौरे के पीछे गहरी कूटनीति छिपी है।
जय शाह से मुलाकात और रिश्तों की जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश
समाचार एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, मोहसिन नकवी की इस यात्रा का असली मकसद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अध्यक्ष जय शाह और अन्य आला अधिकारियों से मुलाकात करना है। हाल के दिनों में बांग्लादेश के भारत दौरे से इनकार के बाद क्रिकेट जगत में काफी तल्खी बढ़ गई थी। पाकिस्तान ने भी पहले एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था, लेकिन अब नकवी इस तनाव को कम करने और भविष्य के रिश्तों को सुधारने की कोशिश करेंगे।
कैसे टूटा पाकिस्तान का ‘बहिष्कार’ वाला रुख?
आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार और पीसीबी ने पहले भारत के खिलाफ खेलने पर कड़ा रुख अपनाया था। हालांकि, आईसीसी के हस्तक्षेप और पाकिस्तान-बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच कई दौर की बातचीत के बाद मामला सुलझा। नकवी ने इस बारे में प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से भी खास चर्चा की थी। लाहौर में आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बीसीबी अध्यक्ष के साथ लंबी बैठक के बाद ही यह तय हुआ था कि पाकिस्तान विश्व कप के इस बड़े मैच में मैदान पर उतरेगा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का चौंकाने वाला इनकार
जहाँ एक तरफ पाकिस्तान के मोहसिन नकवी कोलंबो में सक्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने भारत-पाकिस्तान मैच का निमंत्रण ठुकराकर सबको हैरान कर दिया है। अमीनुल ने साफ तौर पर कहा कि जब उनकी अपनी टीम (बांग्लादेश) इस टी20 विश्व कप का हिस्सा नहीं है, तो उनका वहां मैच देखने जाना शोभा नहीं देता। आईसीसी के विशेष अनुरोध के बावजूद उन्होंने ढाका में ही रहने का फैसला किया।
क्रिकेट, सियासत और कूटनीति का त्रिकोण
इस समय कोलंबो में केवल चौकों-छक्कों की ही चर्चा नहीं है, बल्कि कूटनीतिक हलचल भी तेज है। पीसीबी प्रमुख की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारना चाहता है। वहीं, बांग्लादेशी बोर्ड के अध्यक्ष की अनुपस्थिति ने टूर्नामेंट से जुड़े पुराने विवादों की याद ताजा कर दी है। अब देखना यह होगा कि रविवार को मैदान पर होने वाली भिड़ंत के बाद बोर्ड रूम की इन मुलाकातों का क्या नतीजा निकलता है।