हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) से संबद्ध कॉलेजों में चल रही एलएलबी की परीक्षा के दौरान एक बड़ा ‘ब्लंडर’ सामने आया है। गुरुवार को जब छात्र ‘हिंदू लॉ’ की परीक्षा देने बैठे, तो उनके हाथों में वो पेपर आ गया जो अभी 3 दिन बाद यानी 23 फरवरी को होना था। इस गड़बड़ी ने कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन तक में खलबली मचा दी है।
एग्जाम हॉल में मचा हड़कंप, जब पैकेट से निकला ‘भविष्य’
मामला हिंदू कॉलेज का है। जानकारी के मुताबिक, कक्ष संख्या 45 में जब छात्रों को हिंदू लॉ (Hindu Law) के पेपर बांटे जा रहे थे, तभी दो छात्रों ने शोर मचाया। उन्होंने देखा कि उनके हाथ में 23 फरवरी को होने वाली ‘टार्ट’ (अपकृत्य विधि) विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र है। देखते ही देखते खबर आग की तरह फैली और प्राचार्य से लेकर परीक्षा प्रभारी तक मौके पर दौड़ पड़े।
जांच में मिले 15 ‘गलत’ पेपर, दिल्ली की प्रेस ने की बड़ी चूक
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी खुद कॉलेज पहुंचे। कंट्रोल रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। जांच में पता चला कि पैकेट की पैकिंग के दौरान दिल्ली स्थित गोपनीय प्रिंटिंग प्रेस ने भारी लापरवाही की थी। हिंदू लॉ के पैकेट में ही टार्ट विषय के 15 प्रश्नपत्र गलती से पैक हो गए थे। हालांकि, कुलपति ने राहत की बात यह बताई कि पेपर सील पैक ही मिले हैं और किसी भी तरह की छेड़छाड़ के सबूत नहीं हैं।
अब 23 फरवरी को क्या होगा? पुराने पेपर हुए रद्द!
कुलपति प्रो. माहेश्वरी ने तुरंत एक्शन लेते हुए निर्णय लिया है कि अब 23 फरवरी की परीक्षा उन पुराने प्रश्नपत्रों से नहीं होगी। विश्वविद्यालय ने पुराने सेट को रद्द कर दिया है। अच्छी खबर यह है कि यूनिवर्सिटी के पास प्रश्नपत्रों का दूसरा सेट (बैकअप) तैयार है। नए सेट का प्रारूप छपाई के लिए भेज दिया गया है और शनिवार तक इसके पहुंचने की उम्मीद है।
लापरवाह प्रेस पर गिरेगी गाज, यूनिवर्सिटी नहीं भरेगी हर्जाना
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रिंटिंग प्रेस को साफ कह दिया है कि नए पेपर की छपाई और ट्रांसपोर्टेशन का एक भी पैसा यूनिवर्सिटी नहीं देगी। यह पूरी गलती प्रेस की है, इसलिए सारा खर्च उन्हें ही उठाना होगा। कुलपति ने साफ किया कि परीक्षा अपने निर्धारित समय पर ही होगी, बस छात्रों को अब नए सेट से सवाल हल करने होंगे।
“यह पूरी तरह प्रिंटिंग प्रेस की गलती है। सभी 15 प्रश्नपत्रों को सील कर दिया गया है। 23 फरवरी की परीक्षा नए सेट से ही और निर्धारित तिथि पर कराई जाएगी।” – प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति