रामपुर: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां के लिए कानूनी मोर्चे से एक अच्छी खबर आई है। शत्रु संपत्ति से जुड़े एक पुराने मुकदमे में बढ़ाई गई तीन गंभीर धाराओं के मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, इस राहत के बाद भी आजम खां फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। उनके समर्थकों के लिए यह खबर मिली-जुली भावनाओं वाली है।
क्या है शत्रु संपत्ति का यह पूरा मामला?
यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस थाने में साल 2020 में दर्ज हुआ था। कलक्ट्रेट के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जौहर यूनिवर्सिटी के पास स्थित ‘इमामुद्दीन कुरैशी’ के नाम दर्ज शत्रु संपत्ति को दस्तावेजों में हेराफेरी कर खुर्द-बुर्द किया गया। इमामुद्दीन कुरैशी बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे, जिसके बाद 2006 में उनकी जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।
जांच में सामने आया कि राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर सैयद आफाक अहमद का नाम दर्ज किया गया और रिकॉर्ड के पन्ने भी फटे हुए मिले। इस मामले में आजम खां, उनकी पत्नी डॉ. तंजीम फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम समेत जौहर ट्रस्ट के सदस्यों को आरोपी बनाया गया था।
इन तीन धाराओं ने बढ़ाई थी मुश्किल
पुलिस की जांच के दौरान सरकारी गवाह बने सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवंत के बयान के आधार पर आजम खां के खिलाफ आईपीसी की तीन नई धाराएं— 467 (दस्तावेजों में जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का असली के रूप में इस्तेमाल) और 201 (सबूत मिटाना)—बढ़ाई गई थीं।
निचली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 23 अप्रैल को इन धाराओं में जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आजम खां ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। सोमवार को कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
राहत के बाद भी क्यों नहीं होगी रिहाई?
आजम खां को भले ही इस केस में जमानत मिल गई हो, लेकिन उनके जेल से बाहर आने का रास्ता अभी साफ नहीं है। इसकी मुख्य वजह ‘दो पैन कार्ड’ वाला मामला है, जिसमें उन्हें पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। उस मामले में उनकी अपील भी मजिस्ट्रेट कोर्ट से खारिज हो चुकी है। इसके अलावा, उन पर कई अन्य मुकदमे भी चल रहे हैं, जिनमें कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अन्य मामलों में भी हुई सुनवाई
रामपुर की अदालत में आजम खां से जुड़े चार अन्य महत्वपूर्ण मामलों में भी सुनवाई हुई:
- नफरती भाषण (टांडा): फोटोग्राफर पंकज की गवाही हुई, अगली सुनवाई 13 मई को।
- डूंगरपुर प्रकरण: अगली सुनवाई 23 मई को तय की गई है।
- यतीमखाना मामला: अगली तारीख 9 जून मुकर्रर हुई है।
- फरहान मामला: अब 20 मई को कोर्ट में इस पर चर्चा होगी।