बिजनौर: उत्तर प्रदेश की बिजनौर जेल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। रविवार को जेल परिसर में एक गैंगस्टर का शव पेड़ से लटका मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। परिजनों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने न सिर्फ जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया, बल्कि घंटों तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस हंगामे के बीच बरेली रेंज के डीआईजी की गाड़ी तक को भीड़ ने निशाना बना लिया।
मौत या हत्या? परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पहचान पृथ्वीपुर निवासी दीपक (30) के रूप में हुई है, जो पिछले डेढ़ साल से लूट और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल में बंद था। दीपक की मां का कहना है कि उनके बेटे को 7 मई को ही हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी और वह 11 मई को रिहा होने वाला था। परिजनों का सीधा आरोप है कि जेल प्रशासन ने उसकी हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया है। मां ने बिलखते हुए कहा, “जो बेटा दो दिन बाद घर आने वाला था, वह आत्महत्या क्यों करेगा?”
अस्पताल वार्ड के पीछे पेड़ से लटका मिला शव
जेल प्रशासन के मुताबिक, दीपक पिछले एक महीने से बीमार चल रहा था और शनिवार रात घबराहट की शिकायत के बाद उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों का दावा है कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दीपक ने अस्पताल वार्ड के पीछे एक आम के पेड़ पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, दीपक के बहनोई ऋषि राज ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि शनिवार को मुलाकात के दौरान दीपक ने जेल के भीतर अपनी जान को खतरा बताया था। उसने कुछ बंदियों के ग्रुप द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत भी की थी।
जजी चौक पर प्रदर्शन और डीआईजी की गाड़ी पर हमला
पोस्टमॉर्टम हाउस से शुरू हुआ हंगामा जजी चौक तक पहुंच गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने करीब 20 मिनट तक जाम लगाया। इसी दौरान बरेली रेंज के डीआईजी अजय साहनी की गाड़ी वहां से गुजर रही थी जो जाम में फंस गई। उग्र भीड़ ने डीआईजी की गाड़ी पर लगे स्टार तक नोच डाले। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद सीओ सिटी संग्राम सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ भी प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि बंदी की मौत की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि दीपक शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था और उसे अलग-अलग मामलों में सजा भी हो चुकी थी। प्रशासन ने पैनल के जरिए पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया है ताकि मौत की असल वजह साफ हो सके। फिलहाल जेल और पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।