हसनपुर (अमरोहा): उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर में इन दिनों धार्मिक और सामाजिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर हैं। मौका था जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज की 81 दिवसीय ‘गविष्ट’ (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा का, जो इस समय हसनपुर पहुंची हुई है। इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुरादाबाद जनपद की कांठ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के कद्दावर विधायक कमाल अख्तर भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ पूज्य शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया, बल्कि केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर राजनीतिक बाण भी चलाए। विधायक कमाल अख्तर ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि देश की आजादी के बाद से लेकर अब तक गोमाता पर इतना अत्याचार कभी नहीं हुआ, जितना पिछले 10 सालों के दौरान देखा गया है।
शंकराचार्य ने गोवंश की स्थिति पर जताई गहरी चिंता
हसनपुर की पावन धरती पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गो-संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को लेकर बेहद गहरा संदेश दिया। पूज्य शंकराचार्य ने देश में गोवंश की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पूरे समाज को जागरूक होने का आह्वान किया। आपको बता दें कि इस 81 दिवसीय देशव्यापी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना और उनकी संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
धार्मिक मंच पर उमड़ा जनसैलाब और जुटी सियासी भीड़
इस खास मौके पर शंकराचार्य के विचारों को सुनने के लिए न केवल आम जनता की भारी भीड़ उमड़ी, बल्कि समाजवादी पार्टी के नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता भी वहां मुस्तैद रहे। कार्यक्रम के दौरान गोमाता की सुरक्षा, सम्मान और उनके चारे-पानी की उचित व्यवस्था को लेकर व्यापक रूप से चर्चा की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हसनपुर के इतिहास में पूज्य शंकराचार्य जी का आगमन और उनका मार्गदर्शन क्षेत्रवासियों के लिए एक बड़े सौभाग्य की बात है, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय हो गया है।
सपा विधायक के तीखे तेवरों से गरमाई हसनपुर की राजनीति
एक तरफ जहां शंकराचार्य के मंच से धर्म और संस्कृति की ज्ञानवर्धक बातें हो रही थीं, वहीं दूसरी ओर सपा विधायक कमाल अख्तर के तेवरों ने इस धार्मिक आयोजन में भारी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। उन्होंने मंच से सीधे तौर पर पिछले 10 साल के शासनकाल को आड़े हाथों लिया। कमाल अख्तर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गोवंश के नाम पर सिर्फ राजनीति की रोटियां सेकती है, जबकि हकीकत में जमीन पर गोमाता की स्थिति बदतर हो चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि आजादी के बाद के इतिहास में गोवंश की ऐसी दुर्दशा पहले कभी नहीं देखी गई।
यूपी में गो-संरक्षण पर छिड़ी एक नई सियासी बहस
असल में, उत्तर प्रदेश की राजनीति में छुट्टा पशुओं और गोवंश की सुरक्षा का मुद्दा हमेशा से ही सबसे ऊपर रहता है। ऐसे में एक मुस्लिम सपा विधायक का सीधे शंकराचार्य के कार्यक्रम में पहुंचना और गो-रक्षार्थ आंदोलन का खुला समर्थन करते हुए सरकार को घेरना, सूबे की सियासत में एक नया नैरेटिव सेट कर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद जनसमूह ने भी कमाल अख्तर के इस तीखे बयान को बेहद ध्यान से सुना। इस बड़े आयोजन ने यह साफ कर दिया है कि गो-संरक्षण का मुद्दा केवल किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा हुआ है। अब देखना यह होगा कि सपा विधायक के इस तीखे हमले पर सत्ता पक्ष यानी भाजपा की तरफ से क्या पलटवार आता है।