संभल: उत्तर प्रदेश में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बाबा के बुलडोजर की धमक अब ग्रामीणों के सिर चढ़कर बोल रही है। संभल जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ प्रशासन की सख्त कार्रवाई और बुलडोजर चलने के डर से ग्रामीणों ने एक अनोखा ही कदम उठा लिया। जिस ‘मदीना मस्जिद’ को गिराने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचने वाला था, ग्रामीणों ने उसे रातों-रात खुद ही गायब कर दिया। रविवार सुबह जब अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं।
मस्जिद तो दूर, मलबे का नामोनिशान भी नहीं छोड़ा
यह पूरा चौंकाने वाला मामला संभल के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव का है। ग्रामीणों के बीच बुलडोजर का खौफ इस कदर था कि उन्होंने प्रशासन के पहुंचने का इंतजार ही नहीं किया। शनिवार रात से ही काम शुरू हुआ और रविवार सुबह तक दो मंजिला मस्जिद की इमारत को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने जेसीबी लगाकर वहां से सारा मलबा भी साफ करवा दिया, ताकि जमीन बिल्कुल समतल दिखे। जब प्रशासनिक टीम दलबल के साथ कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां मस्जिद की जगह खाली जमीन नजर आई।
क्या है इस जमीन का पूरा विवाद?
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, यह विवाद करीब दो दशक पुराना है। गांव की लगभग 439 वर्ग मीटर जमीन को साल 2000 में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान आरक्षित किया गया था। यह जमीन सरकारी दस्तावेजों में गरीब परिवारों के आवास (पट्टा) के लिए सुरक्षित रखी गई थी। आरोप है कि साल 2005 के आसपास इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और वहां ‘मदीना मस्जिद’ खड़ी कर दी गई। काफी लंबे समय से इस अतिक्रमण को हटाने के लिए कानूनी लड़ाई चल रही थी और प्रशासन ने अब इस पर कड़ा रुख अपनाया था। बुलडोजर की कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीणों ने खुद ही अवैध निर्माण को हटाने का फैसला किया।