हरिद्वार: विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हरिद्वार से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। धर्मनगरी के सबसे पवित्र और प्रमुख घाट, हरकी पैड़ी पर अब गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। यहाँ जगह-जगह ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर स्पष्ट अक्षरों में ‘अहिन्दू प्रवेश निषेध क्षेत्र’ लिखा हुआ है। घाटों की व्यवस्था संभालने वाली आधिकारिक संस्था ‘गंगा सभा’ के इस फैसले के बाद से ही क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
क्यों उठाए गए ये सख्त कदम?
गंगा सभा द्वारा इन पोस्टरों को लगाए जाने के बाद तीर्थ यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की बातें हो रही हैं। गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने इस पूरे मामले पर संस्था का पक्ष मजबूती से रखा है। उनका कहना है कि हरकी पैड़ी एक विशेष धार्मिक महत्व वाला स्थान है और इसकी मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। सभा का मानना है कि इन पोस्टरों को लगाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि नियमों को लेकर किसी भी व्यक्ति के मन में कोई कन्फ्यूजन या भ्रम न रहे।
गंगा सभा ने नियमों पर दिया जोर
अध्यक्ष नितिन गौतम ने आगे कहा कि हर नागरिक को कानून और स्थानीय नियमों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह यह जाने कि किस क्षेत्र में क्या नियम लागू हैं और वहां की परंपराएं क्या कहती हैं। गंगा सभा के अनुसार, हरकी पैड़ी की पवित्रता और वहां की सदियों पुरानी परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। फिलहाल, इन पोस्टरों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर हरिद्वार की गलियों तक बहस छिड़ गई है।