दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक समागम ‘महाकुंभ 2025’ की सफलता की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। लेकिन इस आयोजन को सुरक्षित बनाने वाले असली हीरो पर्दे के पीछे काम करने वाले हमारे पुलिसकर्मी हैं। महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व बनाने और अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा से निभाने के लिए कांस्टेबल निशांत कुमार, दीपक कुमार, रवि कुमार और हेड कांस्टेबल दीपक कुमार को ‘महाकुंभ सेवा मेडल’ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
अफसरों ने थपथपाई पीठ, मिला बड़ा सम्मान
इन जांबाज पुलिसकर्मियों को यह सम्मान डिप्टी एसपी आशीष प्रताप सिंह और ठाकुरद्वारा कोतवाली प्रभारी मनोज परमार कुमार द्वारा प्रदान किया गया। बता दें कि महाकुंभ 2025 अपने आप में एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन था, जिसकी सराहना राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। इतने बड़े स्तर पर भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था कायम रखना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे इन जवानों ने अपनी सतर्कता और ईमानदारी से मुमकिन कर दिखाया।
प्रशस्ति पत्र पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्ताक्षर
इस सम्मान समारोह की सबसे खास बात यह रही कि जवानों को जो प्रशस्ति पत्र दिए गए हैं, उन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्ताक्षर हैं। प्रशस्ति पत्र पर 25 मार्च 2025 की तारीख अंकित है, जो इन जवानों की मेहनत और सरकार की ओर से मिली मान्यता का प्रमाण है। आरक्षी निशांत कुमार और उनके साथियों की कार्यशैली और कड़े अनुशासन की पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जमकर तारीफ की है।
पुलिस महकमे में खुशी की लहर
इस सम्मान के बाद से पुलिस विभाग में उत्साह और हर्ष का माहौल है। डिप्टी एसपी आशीष प्रताप सिंह और कोतवाली प्रभारी मनोज परमार कुमार ने सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि निशांत कुमार जैसे कर्मठ और अनुशासित पुलिसकर्मी ही विभाग की असली पहचान और गौरव हैं। यह सम्मान न केवल इन जवानों का उत्साह बढ़ाएगा बल्कि दूसरे कर्मियों को भी पूरी ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देगा।