देहरादून: उत्तराखंड प्रशासनिक सेवा (PCS) के अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में पदोन्नति कोटे के तहत खाली पड़े आईएएस (IAS) कैडर के पदों पर अब बहुत जल्द फैसला होने जा रहा है। साल 2022 की दो रिक्तियों को भरने के लिए आज, 03 फरवरी को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। इस बैठक के बाद उत्तराखंड को दो नए आईएएस अधिकारी मिल सकते हैं।
दिवंगत अधिकारियों के नाम भी लिस्ट में, क्या है पेंच?
हैरानी की बात यह है कि यूपीएससी को भेजी गई सात अफसरों की सूची में भगवत किशोर और हरक सिंह रावत का नाम भी शामिल है, जबकि इन दोनों का निधन हो चुका है। दरअसल, नियमों के मुताबिक साल 2022 की रिक्ति अवधि के दौरान ये दोनों अधिकारी सेवा में थे, इसलिए इनका नाम विचारार्थ रखा गया है। अब डीपीसी को यह तय करना है कि क्या इन्हें मरणोपरांत आईएएस कैडर का लाभ दिया जा सकता है।
इन अधिकारियों की किस्मत का होगा फैसला
राज्य सरकार ने वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर सात नाम भेजे हैं। अगर यूपीएससी दिवंगत अधिकारियों के नाम पर विचार नहीं करती है, तो बंसीलाल राणा और नरेंद्र सिंह कुरियाल का आईएएस बनना लगभग तय माना जा रहा है। लिस्ट में भगवान सिंह चलाल, चंद्र सिंह धर्मशक्तू और जीवन सिंह नग्नियाल के नाम भी शामिल हैं। नियमों के मुताबिक, प्रमोशन के लिए अधिकारी की उम्र 56 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और कम से कम 8 साल की सेवा जरूरी है।
प्रमोशन की राह में ‘सीनियरिटी विवाद’ का रोड़ा
उत्तराखंड में प्रमोशन का यह रास्ता इतना आसान भी नहीं है। वर्तमान में पीसीएस अधिकारियों के बीच सीनियरिटी विवाद कोर्ट में लंबित है। इसी वजह से कार्मिक विभाग अंतिम सीनियरिटी लिस्ट जारी नहीं कर पा रहा है। इस विवाद के कारण कई योग्य अधिकारी 56 साल की उम्र पार करने वाले हैं। अगर समय पर फैसला नहीं हुआ, तो कई अफसर रिटायरमेंट की कगार पर पहुंच जाएंगे और आईएएस बनने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा।
2027 तक 14 अफसरों को मिल सकता है मौका
राज्य में फिलहाल आईएएस कैडर के 8 पद खाली हैं। 2022 के 2 पद, 2023 के 2 पद और 2024 के 4 पद रिक्त चल रहे हैं। इतना ही नहीं, साल 2027 तक कुल 14 पीसीएस अधिकारियों के लिए आईएएस कैडर में जाने का शानदार मौका बन सकता है क्योंकि कई आईएएस अधिकारी जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। आज की बैठक न केवल 2022 की रिक्तियों को भरेगी, बल्कि भविष्य के प्रमोशन की दिशा भी तय करेगी।