उत्तराखंड यानी देवभूमि की शांत फिजाओं और चारधामों के प्रति अटूट आस्था ने साल 2025 में एक नया इतिहास रच दिया है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और श्रद्धालुओं के अपार प्रेम के चलते उत्तराखंड में पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या ने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब देवभूमि आने वाले सैलानियों का आंकड़ा 6 करोड़ के पार पहुंच गया है।
हरिद्वार बना पर्यटकों की पहली पसंद
इस रिकॉर्डतोड़ आंकड़ों में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आधे से ज्यादा भीड़ अकेले धर्मनगरी हरिद्वार में उमड़ी है। साल 2025 में कुल 6 करोड़ 3 लाख से अधिक लोग उत्तराखंड आए, जिनमें से 3.42 करोड़ से ज्यादा तीर्थयात्री सिर्फ हरिद्वार पहुंचे। गंगा की लहरों और हर की पैड़ी की रौनक ने देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर सबसे ज्यादा आकर्षित किया है।
देहरादून और टिहरी में भी जबरदस्त रौनक
सिर्फ हरिद्वार ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के अन्य जिलों ने भी पर्यटन के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य की राजधानी देहरादून पर्यटकों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद रही, जहां 67 लाख 35 हजार से अधिक सैलानी पहुंचे। वहीं, अपनी विशाल झील और खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार से ज्यादा लोग छुट्टियां मनाने और दर्शन करने आए। पर्यटकों की यह भारी आमद राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए एक बड़ी संजीवनी साबित हो रही है।