तेल अवीव/यरूशलेम: दुनिया के नक्शे पर एक छोटा सा देश, जिसके चारों तरफ कट्टर दुश्मन बैठे हैं, लेकिन मजाल है कि कोई उसकी तरफ आंख उठाकर देख ले। हम बात कर रहे हैं इजरायल की। इजरायल की ताकत का लोहा पूरी दुनिया मानती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस छोटे से देश की असली शक्ति उसकी मिसाइलें नहीं, बल्कि उसके आम नागरिक हैं? इजरायल में कुछ ऐसे नियम और जज्बे हैं जो उसे दुनिया के बाकी देशों से बिल्कुल अलग और बेहद ताकतवर बनाते हैं।
18 की उम्र हुई नहीं कि हाथ में थमा दी जाती है बंदूक
इजरायल की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘अनिवार्य सैन्य सेवा’ (Mandatory Military Service) है। यहाँ का कानून कहता है कि जैसे ही कोई नागरिक 18 साल का होगा, उसे सेना में भर्ती होना ही पड़ेगा। चाहे आप डॉक्टर बनना चाहते हों, इंजीनियर या कोई बड़ा बिजनेसमैन, बंदूक पकड़ना और युद्ध के मैदान में उतरना सबके लिए अनिवार्य है। पुरुषों को कम से कम 3 साल और महिलाओं को लगभग 2 साल सेना को देने पड़ते हैं। यही वजह है कि युद्ध के समय यहाँ का हर आम नागरिक पलक झपकते ही एक घातक सैनिक में बदल जाता है।
तकनीक और ‘आयरन डोम’ का सुरक्षा कवच
इजरायल की ताकत की दूसरी बड़ी वजह उसकी बेमिसाल तकनीक है। दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही ढेर करने वाला ‘आयरन डोम’ (Iron Dome) सिस्टम हो या दुनिया का सबसे खतरनाक जासूसी सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’, इजरायल तकनीक के मामले में दुनिया से कोसों आगे है। इजरायल अपनी जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा रिसर्च और डिफेंस पर खर्च करता है, जिससे उसके पास ऐसे हथियार हैं जो अचूक और विनाशकारी हैं।
मोसाद: वो नाम जिससे कांपती है दुनिया
इजरायल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ (Mossad) की कहानियां किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं। मोसाद का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि दुनिया के किसी भी कोने में छिपे अपने दुश्मन को ढूंढकर खत्म करना इनके बाएं हाथ का खेल है। म्यूनिख ओलंपिक में खिलाड़ियों की हत्या का बदला लेने के लिए इजरायल ने सालों तक ‘ऑपरेशन रॉथ ऑफ गॉड’ चलाया और एक-एक गुनहगार को मौत के घाट उतारा। यही खौफ दुश्मनों को इजरायल से पंगा लेने से रोकता है।
देशप्रेम की वो भावना जो रगों में दौड़ती है
इजरायल की अजेय शक्ति का एक और रहस्य वहां के लोगों का अटूट देशप्रेम है। इजरायली नागरिकों के लिए देश पहले और बाकी सब बाद में है। जब भी देश पर संकट आता है, दुनिया भर में मौजूद इजरायली नागरिक अपना काम-काज छोड़कर वापस अपने देश की रक्षा के लिए लौट आते हैं। यह जज्बा दुनिया के बहुत कम देशों में देखने को मिलता है।
आधुनिक हथियार और आत्मनिर्भरता
इजरायल हथियारों के लिए किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं है। ‘उजी’ (Uzi) सबमशीन गन से लेकर ‘मर्कावा’ (Merkava) टैंक तक, इजरायल खुद अपने बेहतरीन हथियार बनाता है। यहाँ तक कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश भी इजरायल की डिफेंस टेक्नोलॉजी की मदद लेते हैं। छोटे से क्षेत्रफल के बावजूद इजरायल का डिफेंस एक्सपोर्ट अरबों डॉलर का है, जो उसकी आर्थिक और सामरिक मजबूती का बड़ा आधार है।