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सऊदी अरब का बड़ा एक्शन! भारत समेत 40 देशों के चिकन और अंडों पर लगा ‘फुल बैन’, क्या है वजह?

On: February 26, 2026 2:26 PM
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खाड़ी देश सऊदी अरब से एक ऐसी खबर आई है जिसने दुनिया भर के पोल्ट्री बाजार में खलबली मचा दी है। सऊदी अरब ने भारत समेत दुनिया के 40 देशों से चिकन और अंडों के आयात (इम्पोर्ट) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब इन देशों से पोल्ट्री उत्पाद सऊदी के बाजारों में नहीं पहुँच पाएंगे। बताया जा रहा है कि यह कड़ा फैसला लोगों की सेहत और खाद्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एक एहतियाती कदम के तौर पर उठाया गया है।

बर्ड फ्लू का खौफ और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट बनीं आधार

सऊदी अरब ने यह स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध रातों-रात नहीं लिया गया है, बल्कि इसके पीछे जोखिम आकलन और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य रिपोर्टों का हाथ है। विशेष रूप से ‘एवियन इन्फ्लुएंजा’ यानी बर्ड फ्लू जैसी खतरनाक बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सऊदी सरकार ने अपनी आयात सूची में यह बड़ा संशोधन किया है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ देशों पर तो यह पाबंदी साल 2004 से ही चली आ रही है, जिसे अब और विस्तार दिया गया है। SFDA के अनुसार, वैश्विक स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए इस लिस्ट में समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं।

इन 40 देशों की लिस्ट में भारत भी शामिल

सऊदी अरब ने जिन देशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, उनमें भारत का नाम प्रमुखता से शामिल है। भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान के पड़ोसी देश जैसे बांग्लादेश, नेपाल और चीन भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं। इसके साथ ही इंडोनेशिया, ईरान, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, यूनाइटेड किंगडम (UK) और मिस्र जैसे कुल 40 देशों के पोल्ट्री उत्पादों के लिए सऊदी के दरवाजे बंद हो गए हैं। वहीं, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया जैसे 16 देशों पर ‘आंशिक प्रतिबंध’ लगाया गया है, यानी वहां के केवल कुछ खास इलाकों के उत्पादों पर ही रोक रहेगी।

क्या है बैन से बचने का रास्ता?

हालांकि, सऊदी अरब ने इस प्रतिबंध में एक छोटी सी ढील भी दी है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि यदि चिकन या उससे जुड़े उत्पादों को एक निश्चित तापमान पर प्रोसेस किया गया है, जिससे ‘न्यूकैसल’ बीमारी का वायरस पूरी तरह खत्म हो जाए, तो उन्हें छूट मिल सकती है। इसके लिए उत्पाद के साथ उस देश की आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसी का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना होगा कि माल किसी मान्यता प्राप्त और सुरक्षित फैक्ट्री से ही बनकर आया हो।

भारतीय पोल्ट्री कारोबार के लिए क्या हैं इसके मायने?

भारत के लिए यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में भारत का पोल्ट्री निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा है। सरकारी आंकड़ों (DGCIS) के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत का पोल्ट्री एक्सपोर्ट दोगुने से ज्यादा बढ़कर करीब 149 मिलियन डॉलर (लगभग 1,288 करोड़ रुपये) तक पहुँच गया है। मिडिल ईस्ट के देशों, खासकर ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय अंडों की भारी मांग है। इस साल UAE भारतीय अंडों का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। ऐसे में सऊदी अरब का यह फैसला भारतीय कारोबारियों के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है।

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