इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक पूर्ण युद्ध में बदल चुका है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर घुसकर ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ (Operation Gazab-lil-Haq) शुरू कर दिया है, जिसके तहत काबुल और कंधार जैसे प्रमुख शहरों पर भारी बमबारी की गई है। पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में अब तक 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए हैं। वहीं, तालिबान ने भी पलटवार करते हुए पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मोर्टार से हमले तेज कर दिए हैं।
सीमा पर मची अफरातफरी, जान बचाकर भाग रहे लोग
तोरखम बॉर्डर के पास स्थित ओमारी कैंप में रात भर हुई मोर्टार बमबारी ने डरावना मंजर पैदा कर दिया है। चश्मदीदों के मुताबिक, अपनी जान बचाने के लिए महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अपना सब कुछ छोड़कर भाग रहे हैं। हमलों में कई बच्चों और महिलाओं के घायल होने की खबर है। दहशत इतनी है कि लोग अपने जरूरी दस्तावेज और पैसे तक पीछे छोड़ आए हैं और कई बच्चे इस भगदड़ में अपने परिवार से बिछड़ गए हैं।
दावों की जंग: किसके कितने मरे?
इस युद्ध में दोनों पक्ष एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा कर रहे हैं:
- पाकिस्तान का दावा: सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के अनुसार, 133 तालिबानी लड़ाके ढेर हुए हैं और 200 से ज्यादा घायल हैं। पाकिस्तान ने अपने केवल 2 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है।
- तालिबान का दावा: अफगान सरकार का कहना है कि उन्होंने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है और 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के भीतर ड्रोन हमलों का भी दावा किया है, जिसे पाकिस्तान ने ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ से नाकाम करने की बात कही है।
रूस और ईरान ने की शांति की अपील
बढ़ते खून-खराबे को देखते हुए दुनिया के अन्य देश भी चिंतित हैं। रूस ने दोनों देशों से कूटनीति के जरिए मामला सुलझाने और तुरंत हमले रोकने की अपील की है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा है कि रमजान के पवित्र महीने में दोनों देशों को संवाद का रास्ता चुनना चाहिए। ईरान ने इस्लामाबाद और काबुल के बीच बातचीत को सुविधाजनक बनाने में मदद की बात कही है।
पाकिस्तान ने जारी की तबाह किए गए ठिकानों की लिस्ट
पाकिस्तान टीवी के अनुसार, सेना ने तालिबान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को जमींदोज कर दिया है। इसमें वली खान सेक्टर, शावल सेक्टर (पक्तिका), बाजौर और अंगूर अड्डा में स्थित तालिबानी चौकियाँ शामिल हैं। फिलहाल तोरखम बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह से फिर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई है, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ने की आशंका है।