इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुआ युद्ध अब विनाशकारी मोड़ ले चुका है। जंग के तीसरे दिन ऐसी खबरें आ रही हैं जिन्होंने पूरी दुनिया की सांसें रोक दी हैं। एक तरफ जहां ईरान ने 4 देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, वहीं दूसरी तरफ एक बड़ी ‘गलती’ के कारण अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
कुवैत में बड़ा हादसा: अपने ही साथी के शिकार हुए अमेरिकी जेट्स
इस युद्ध के बीच सबसे चौंकाने वाली खबर कुवैत से आई है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने ‘गलती’ से अमेरिका के ही 3 F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट्स को दुश्मन समझकर मार गिराया। बताया जा रहा है कि ये जेट हवा में कुछ देर गोल-गोल घूमने के बाद जमीन से जा टकराए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
ब्रिटिश बेस पर ईरानी ड्रोन का कहर
जंग की आग अब साइप्रस तक पहुँच गई है। ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के ‘अक्रोटिरी बेस’ पर ड्रोन हमला किया है। यह हमला उस वक्त हुआ जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अमेरिका को इस बेस का इस्तेमाल ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले के लिए करने की इजाजत दी। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हमले में बेस को मामूली नुकसान पहुँचा है, लेकिन कोई जानमाल की हानि नहीं हुई है।
ईरान का इनकार: ‘अमेरिका से कोई बात नहीं होगी’
एक तरफ जंग के मैदान में गोले बरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक गलियारों में भी तल्खी बढ़ गई है। ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने साफ कर दिया है कि ईरान अब अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने उन तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान बातचीत की कोशिश कर रहा है।
तबाही का मंजर: 555 की मौत, स्कूल पर गिरी मिसाइल
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 घंटों में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर 2000 से ज्यादा बम बरसाए हैं। ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस भीषण बमबारी में अब तक 555 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे दर्दनाक हादसा एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से हुआ, जहाँ 180 छात्राओं की मौत हो गई। याद रहे कि जंग के पहले ही दिन ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पहले ही हड़कंप मचा दिया था।