वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के एक नए फैसले ने हजारों भारतीय पेशेवरों की रातों की नींद उड़ा दी है। H-1B वीजा को लेकर उठाए गए सख्त कदमों की वजह से न सिर्फ लोगों की नौकरियां खतरे में हैं, बल्कि कई परिवार भी एक-दूसरे से दूर हो गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जो लोग वीजा स्टैंपिंग के लिए भारत आए थे, वे अब यहीं फंसकर रह गए हैं क्योंकि दूतावास में इंटरव्यू की तारीखें अब साल 2027 तक खिसक गई हैं।
दिसंबर 2025 के एक फैसले ने बिगाड़ा खेल
इस संकट की शुरुआत दिसंबर 2025 में ट्रंप प्रशासन के एक अचानक लिए गए फैसले से हुई। इस फैसले के बाद भारत स्थित अमेरिकी दूतावासों में H-1B वीजा इंटरव्यू का बैकलॉग (पेंडिंग काम) उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो इंटरव्यू पहले मार्च 2026 और फिर अक्टूबर के लिए तय थे, उन्हें अब सीधे 2027 तक टाल दिया गया है। इससे उन भारतीयों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है जो अमेरिका में पहले से काम कर रहे थे और सिर्फ वीजा रिन्यूअल के लिए भारत आए थे।
एक्सपर्ट की चेतावनी: भूलकर भी न आएं भारत
ह्यूस्टन स्थित इमिग्रेशन फर्म की पार्टनर एमिली न्यूमैन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 50 दिनों में भारत में एक भी नया वीजा इंटरव्यू स्लॉट नहीं खुला है। न्यूमैन ने अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को सख्त सलाह दी है कि वे फिलहाल वीजा स्टैंपिंग के लिए भारत आने की गलती न करें। उनके अनुसार, वर्तमान प्रशासन वीजा देने की प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा कर रहा है और बाइडन प्रशासन के उलट, यहाँ वीजा रिजेक्ट करने की कोशिशें ज्यादा हो रही हैं।
सोशल मीडिया स्क्रीनिंग ने बढ़ाई मुसीबत
भारत के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता—के अमेरिकी दूतावासों में रेगुलर इंटरव्यू स्लॉट पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। इस भारी देरी के पीछे 15 दिसंबर 2025 को लागू की गई एक नई नीति है। अब हर रोजगार आधारित वीजा आवेदक की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। इस अतिरिक्त जांच की वजह से एक-एक आवेदन की प्रोसेसिंग में बहुत ज्यादा समय लग रहा है, जिससे रोजाना होने वाले इंटरव्यू की संख्या काफी घट गई है।