रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शांति वार्ताओं की चर्चाओं के बीच, मंगलवार को रूस ने यूक्रेन पर एक बार फिर भीषण हमला बोल दिया है। इस बार रूसी सेना ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (बिजली और ऊर्जा केंद्रों) को निशाना बनाया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस ने एक साथ 70 से ज्यादा मिसाइलें और 450 ड्रोन दागे हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरा यूक्रेन कड़ाके की ठंड की चपेट में है।
बिना हीटिंग के रहने को मजबूर लोग, माइनस 20 पहुंचा तापमान
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों का सबसे बुरा असर राजधानी कीव में देखने को मिल रहा है। रूस ने जानबूझकर ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है ताकि कड़ाके की ठंड में लोगों का जीना मुहाल हो जाए। कीव की एक हजार से ज्यादा रिहायशी इमारतों में हीटिंग सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया है। डराने वाली बात यह है कि वहां इस समय तापमान गिरकर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। फिलहाल क्षतिग्रस्त इलाकों में मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है ताकि लोगों को राहत दी जा सके।
मदर लैंड स्मारक को भी पहुंचा नुकसान
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस न केवल लोगों को निशाना बना रहा है, बल्कि यूक्रेन की विरासत को भी मिटाना चाहता है। इस हमले में वर्ल्ड वॉर-2 की मशहूर इमारत ‘मदर लैंड स्मारक’ को भी नुकसान पहुंचा है। जेलेंस्की ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
जेलेंस्की का सोशल मीडिया पर दर्द: 70 मिसाइलें और ड्रोन का तांडव
वलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक लंबी पोस्ट साझा कर रूसी हमले की भयावहता बताई। उन्होंने जानकारी दी कि रूस ने हमले में बड़ी संख्या में घातक बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, जिनकी संख्या 70 से अधिक है। इसके साथ ही, 450 आत्मघाती ड्रोनों के जरिए यूक्रेन के आसमान से मौत बरसाई गई। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस तबाही को रोकने की अपील की है।