भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील के ऐलान के बाद अमेरिकी राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। सोमवार (2 फरवरी, 2026) को अमेरिकी सांसद सिडनी कामलागर-डोव ने इस समझौते पर बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ लहजे में ट्रंप सरकार को नसीहत दी कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए अब ‘रॉकेट’ की रफ्तार से काम करने की जरूरत है।
“ट्रंप की सनक ने रिश्तों को किया बर्बाद”
अमेरिकी सांसद सिडनी कामलागर-डोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि पिछले एक साल में ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के भारी-भरकम टैरिफ ने दोनों देशों के रिश्तों को पटरी से उतार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ‘मनमाने’ टैक्स की वजह से ही वार्षिक क्वाड (Quad) शिखर सम्मेलन जैसा महत्वपूर्ण आयोजन भी प्रभावित हुआ। सिडनी ने कहा कि अब जबकि नया समझौता हो गया है, तो रिश्तों में आए इस गतिरोध का अब कोई बहाना नहीं चलना चाहिए।
रूसी तेल और 18% टैरिफ का गणित
सिडनी कामलागर-डोव ने भारत पर लगाए गए उन पुराने प्रतिबंधों की भी कड़ी आलोचना की, जिसमें नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की खरीद की वजह से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स ठोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि इस तरह की सख्त कार्रवाई ने भारत और अमेरिका के बीच सार्थक सहयोग के रास्ते में बड़ी बाधा पैदा की थी।
अब नई ट्रेड डील के तहत, भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सांसद ने जोर दिया कि प्रशासन को अब बिना समय गंवाए भारत के साथ अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहिए ताकि पिछले एक साल में हुई ‘नुकसान की भरपाई’ की जा सके।