पाकिस्तान की बदहाली और आर्थिक तंगी के बीच वहां के हुक्मरान एक बार फिर पुराने ढर्रे पर उतर आए हैं। अपनी अंदरूनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है। आज 5 फरवरी को पाकिस्तान में मनाए जाने वाले ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के मौके पर दोनों ने भारत के खिलाफ जमकर बयानबाजी की और कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी ताकतों को अपना खुला समर्थन देने की बात दोहराई।
शहबाज शरीफ का भड़काऊ संबोधन
पीओके (PoK) की विधानसभा में बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान की ‘शह रग’ बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील करते हुए भारत पर कई बेबुनियाद आरोप लगाए। गौरतलब है कि पाकिस्तान हर साल 5 फरवरी को यह दिन केवल इसलिए मनाता है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला सके और कश्मीर में हिंसा भड़काने की कसमें खा सके। इस बार भी शहबाज शरीफ ने वही पुराना रिकॉर्ड बजाया और अलगाववादियों के लिए ‘नैतिक और कूटनीतिक’ समर्थन का वादा किया।
आर्मी चीफ और सैन्य नेतृत्व का जहरीला रुख
सिर्फ राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान की फौज ने भी इस मौके पर अपनी ‘अकड़’ दिखाई है। पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आर्मी चीफ असीम मुनीर, नेवी चीफ नवीद अशरफ और एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद सिद्धू पूरी तरह से कश्मीरी अलगाववादियों के साथ खड़े हैं। सैन्य नेतृत्व ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को ‘फौजी सपोर्ट’ देने का ऐलान किया है, जो सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता को चुनौती देने जैसा है।
बयान में भारत को निशाना बनाते हुए कहा गया कि कश्मीर समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान खुद कश्मीर में अस्थिरता और आतंकवाद को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा जिम्मेदार है। जानकारों का मानना है कि कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान के लिए अब कश्मीर का मुद्दा ही जनता को गुमराह करने का आखिरी हथियार बचा है।