सनाए तकाइची के लिए ‘मेक और ब्रेक’ का दिन
जापान में आज यानी रविवार, 8 फरवरी को निचले सदन (House of Representatives) के लिए मतदान हो रहा है। यह चुनाव महज एक साधारण वोटिंग नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के लिए एक बड़े जनमत संग्रह की तरह देखा जा रहा है। अक्टूबर 2025 में सत्ता संभालने वाली तकाइची के लिए यह चुनाव उनकी लोकप्रियता और उनके कड़े फैसलों की असली परीक्षा है। जानकारों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे ही तय करेंगे कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री का सियासी भविष्य क्या होगा।
सत्ताधारी LDP और विपक्ष के बीच जोरदार टक्कर
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) और विपक्षी ब्लॉक ‘सेंट्रिस्ट रिफॉर्म एलायंस’ के बीच है। पीएम तकाइची ने अपनी पार्टी की ताकत बढ़ाने के लिए इस बार ‘जापान इनोवेशन पार्टी’ के साथ गठबंधन किया है। मतदान केंद्रों पर आज सुबह से ही हलचल देखी जा रही है, हालांकि जापान के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी ने वोटिंग की रफ्तार को थोड़ा धीमा किया है। 465 सीटों वाले निचले सदन में बहुमत के लिए 233 सीटों की जरूरत है और तकाइची ने साफ कह दिया है कि अगर उनका गठबंधन बहुमत हासिल नहीं कर पाता है, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगी।
जनता के बीच लोकप्रियता बनाम आर्थिक चुनौतियां
भले ही ओपिनियन पोल्स में पीएम तकाइची की रेटिंग 60% के आसपास बनी हुई है, लेकिन महंगाई और गिरते येन (Yen) ने जनता के बीच थोड़ी नाराजगी भी पैदा की है। तकाइची ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘सने-नॉमिक्स’ (Sanaenomics) का वादा किया है, जिसमें उन्होंने खाने-पीने की चीजों पर टैक्स घटाने और अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि क्या जापान की जनता तकाइची के ‘अल्ट्रा-कंजर्वेटिव’ एजेंडे पर मुहर लगाती है या विपक्ष सत्ता में वापसी कर उन्हें चौंका देता है। आज रात 8 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद नतीजों की तस्वीर साफ होनी शुरू हो जाएगी।